तत्सम, तद्भव, देशज और विदेशी शब्द में अंतर कैसे करें?

तत्सम, तद्भव, देशज और विदेशी शब्द में अंतर कैसे करें?

✍️ MyTestSeries संपादकीय टीम  |  🔄 अपडेटेड: सितंबर 2026  |  ⏱️ पढ़ने का समय: 13 मिनट

🎯 एक नज़र में : हिंदी शब्द भंडार को उत्पत्ति के आधार पर चार भागों में बाँटा जाता है — तत्सम (संस्कृत से ज्यों का त्यों, जैसे अग्नि), तद्भव (संस्कृत से बदलकर, जैसे अग्नि→आग), देशज (क्षेत्रीय बोली से, अज्ञात स्रोत, जैसे लोटा, खिचड़ी) और विदेशी (अरबी-फारसी-अंग्रेजी आदि से, जैसे किताब, बाजार, स्कूल)। पहचान की सबसे आसान ट्रिक — शब्द जितना जटिल/संयुक्ताक्षर वाला हो उतना तत्सम होने की संभावना ज़्यादा, और जितना सरल-बोलचाल वाला हो उतना तद्भव/देशज।
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1. हिंदी शब्द भंडार के चार स्रोत

हिंदी भाषा का शब्द भंडार अनेक स्रोतों से समृद्ध हुआ है। उत्पत्ति (मूल स्रोत) के आधार पर हिंदी के शब्दों को चार वर्गों में बाँटा जाता है — तत्सम, तद्भव, देशज और विदेशी शब्द। इन्हें पहचानना निबंध-लेखन, शुद्ध वर्तनी और लगभग हर सरकारी परीक्षा के हिंदी खंड के लिए ज़रूरी है।

2. तत्सम शब्द — परिभाषा व उदाहरण

परिभाषा: जो शब्द संस्कृत भाषा से बिना किसी परिवर्तन के, ज्यों के त्यों हिंदी में अपना लिए गए हैं, उन्हें तत्सम शब्द कहते हैं। "तत्सम" का अर्थ ही है "उसके समान" (संस्कृत के समान)।

उदाहरण: अग्नि, सूर्य, चंद्र, वायु, जल, पिता, माता, कर्म, धर्म, विद्या, गृह, नेत्र, मस्तक, हस्त, दुग्ध, अश्रु, कर्ण, ग्राम, मयूर।

3. तद्भव शब्द — परिभाषा व तत्सम-तद्भव जोड़ी तालिका

परिभाषा: जो शब्द मूलतः संस्कृत से आए हैं, लेकिन समय के साथ बोलने में आसानी के लिए बदलकर (विकृत होकर) सरल हिंदी रूप में ढल गए हैं, उन्हें तद्भव शब्द कहते हैं। "तद्भव" का अर्थ है "उससे उत्पन्न" (संस्कृत से जन्मा हुआ, पर बदला हुआ रूप)।

परीक्षाओं में अक्सर एक तत्सम शब्द देकर उसका तद्भव रूप पूछा जाता है। नीचे दी गई तालिका दोनों रूपों को साथ-साथ दिखाती है:

तत्सम शब्दतद्भव शब्द
अग्निआग
सूर्यसूरज
चंद्रचाँद
हस्तहाथ
गृहघर
कर्णकान
दुग्धदूध
मयूरमोर
दंतदाँत
कर्मकाम
मस्तकमाथा
ग्रामगाँव
अश्रुआँसू
अक्षिआँख
दुर्बलदुबला

4. देशज शब्द — परिभाषा व उदाहरण

परिभाषा: जो शब्द किसी क्षेत्रीय या स्थानीय बोली से हिंदी में आए हैं और जिनका मूल स्रोत निश्चित रूप से ज्ञात नहीं है (न संस्कृत, न कोई विदेशी भाषा), उन्हें देशज शब्द कहते हैं। ये आमतौर पर बोलचाल की भाषा या लोक-जीवन से जुड़े होते हैं।

उदाहरण: लोटा, खिचड़ी, झाड़ू, पगड़ी, लुटिया, डिबिया, चूड़ी, टट्टू, गड्ढा, कटोरा, धड़ाम, ठेठ।

5. विदेशी शब्द — भाषा अनुसार वर्गीकरण

परिभाषा: जो शब्द अरबी, फारसी, तुर्की, अंग्रेजी, पुर्तगाली और फ्रेंच जैसी विदेशी भाषाओं से हिंदी में आकर पूरी तरह घुल-मिल गए हैं, उन्हें विदेशी शब्द कहते हैं।

भाषाउदाहरण शब्द
अरबीकिताब, कानून, दुनिया, जवाब, तारीख, वकील, हिसाब, अदालत
फारसीदरवाजा, बाजार, आदमी, जमीन, खुशी, गुलाब, दफ्तर, नमक
तुर्कीकैंची, तोप, बारूद, चाकू, कुर्ता, उर्दू
अंग्रेजीस्कूल, कॉलेज, टीचर, बस, टेबल, पेन, रेडियो, टिकट
पुर्तगालीअलमारी, चाबी, गमला, तंबाकू, पादरी, कमरा
फ्रेंचकारतूस, पुलिस, रेस्तरां

6. चारों में अंतर — मास्टर तालिका व ट्रिक

आधारतत्समतद्भवदेशजविदेशी
स्रोतसीधे संस्कृत सेसंस्कृत से बदलकरक्षेत्रीय/अज्ञात स्रोतअन्य भाषाओं से
रूपअपरिवर्तितपरिवर्तित (सरल)स्थानीय बोलचाल जैसाप्रायः यथावत उधार लिया
उदाहरणअग्निआगखिचड़ीकिताब (अरबी)
💡 ट्रिक: शब्द संयुक्ताक्षर (जैसे ग्न, र्य) वाला और जटिल लगे तो तत्सम; वही शब्द सरल व बोलने में आसान रूप में मिले तो तद्भव; अगर मूल स्रोत का पता ही न चले तो देशज; और अगर शब्द किसी विदेशी भाषा (उर्दू, अंग्रेजी आदि) से सीधा उधार लिया लगे तो विदेशी शब्द है।

7. डेली फ्री टेस्ट टेबल — तारीख अनुसार (रोज़ अपडेट होगी)

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दिनांकटेस्ट/नोट्स का नामविषयलिंकस्थिति
18-09-2026 तत्सम, तद्भव, देशज, विदेशी शब्द में अंतर हिंदी व्याकरण अभी पढ़ें → Live
17-09-2026 अलंकार के भेद — शब्दालंकार और अर्थालंकार हिंदी व्याकरण अभी पढ़ें → Live
16-09-2026 उपसर्ग और प्रत्यय — भेद सहित पूरी लिस्ट हिंदी व्याकरण अभी पढ़ें → Live
15-09-2026 विलोम शब्द — प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए पूरी लिस्ट हिंदी व्याकरण अभी पढ़ें → Live

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8. अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

Q1. तत्सम शब्द किसे कहते हैं?

जो शब्द संस्कृत से बिना किसी परिवर्तन के ज्यों के त्यों हिंदी में आ गए हैं, उन्हें तत्सम शब्द कहते हैं। जैसे अग्नि, सूर्य, चंद्र।

Q2. तद्भव शब्द किसे कहते हैं?

जो शब्द संस्कृत से आए हैं लेकिन समय के साथ बदलकर हिंदी रूप में आए हैं, उन्हें तद्भव शब्द कहते हैं। जैसे अग्नि से आग, हस्त से हाथ।

Q3. देशज शब्द किसे कहते हैं?

जो शब्द किसी क्षेत्रीय या स्थानीय बोली से आए हैं और जिनका मूल स्रोत ठीक-ठीक ज्ञात नहीं होता, उन्हें देशज शब्द कहते हैं। जैसे लोटा, खिचड़ी, झाड़ू।

Q4. विदेशी शब्द किसे कहते हैं?

जो शब्द अरबी, फारसी, तुर्की, अंग्रेजी, पुर्तगाली जैसी अन्य भाषाओं से हिंदी में आकर घुल-मिल गए हैं, उन्हें विदेशी शब्द कहते हैं। जैसे किताब, बाजार, स्कूल, अलमारी।

Q5. तत्सम और तद्भव शब्द में क्या अंतर है?

तत्सम शब्द संस्कृत का मूल रूप ज्यों का त्यों बनाए रखते हैं (जैसे अग्नि), जबकि तद्भव शब्द उसी संस्कृत मूल से बदलकर सरल हिंदी रूप में आते हैं (जैसे अग्नि से आग)।

Q6. सरकारी परीक्षाओं में तत्सम-तद्भव शब्दों से कितने प्रश्न पूछे जाते हैं?

SSC, BPSC TRE, राज्य PCS और शिक्षक भर्ती परीक्षाओं के हिंदी विषय में तत्सम-तद्भव, देशज व विदेशी शब्दों की पहचान से जुड़े प्रश्न औसतन 3 से 6 प्रश्न प्रति परीक्षा पूछे जाते हैं।

लेखक के बारे में: यह लेख MyTestSeries की संपादकीय टीम द्वारा NCERT हिंदी व्याकरण पाठ्यपुस्तकों और मानक हिंदी भाषा-विज्ञान संदर्भ ग्रंथों के आधार पर मौलिक रूप से तैयार किया गया है, ताकि SSC, BPSC TRE, राज्य PCS और सभी सरकारी परीक्षाओं के अभ्यर्थियों को सटीक व सरल भाषा में जानकारी मिल सके।

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