संधि के भेद: स्वर, व्यंजन, विसर्ग संधि में अंतर — पूरी नोट्स

संधि के भेद: स्वर, व्यंजन, विसर्ग संधि में अंतर — पूरी नोट्स

✍️ MyTestSeries संपादकीय टीम  |  🔄 अपडेटेड: सितंबर 2026  |  ⏱️ पढ़ने का समय: 13 मिनट

🎯 एक नज़र में (TL;DR): संधि का अर्थ है दो वर्णों (ध्वनियों) के मेल से होने वाला परिवर्तन। इसके तीन भेद हैं — स्वर संधि (दो स्वरों का मेल, जैसे विद्या+अर्थी=विद्यार्थी), व्यंजन संधि (व्यंजन के साथ स्वर/व्यंजन का मेल, जैसे सत्+जन=सज्जन), और विसर्ग संधि (विसर्ग के बाद स्वर/व्यंजन आने पर बदलाव, जैसे मनः+रथ=मनोरथ)। स्वर संधि के आगे पाँच उप-भेद हैं — दीर्घ, गुण, वृद्धि, यण और अयादि संधि।
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1. संधि का परिचय व परिभाषा

परिभाषा: जब दो वर्ण (ध्वनियाँ) पास-पास आते हैं और उनके मेल से किसी नए वर्ण या ध्वनि का निर्माण होता है, तो इस प्रक्रिया को संधि कहते हैं। जैसे — "विद्या + अर्थी" मिलकर "विद्यार्थी" बनता है।

संधि से बने शब्द को पुनः उसके मूल शब्दों में अलग करने की प्रक्रिया को संधि विच्छेद कहते हैं। संधि के तीन मुख्य भेद हैं — स्वर संधि, व्यंजन संधि और विसर्ग संधि

2. स्वर संधि — पाँच उप-भेद व उदाहरण

जब दो स्वर आपस में मिलते हैं और उनसे किसी नए स्वर या ध्वनि का निर्माण होता है, उसे स्वर संधि कहते हैं। इसके पाँच उप-भेद हैं:

उप-भेदनियमउदाहरण
दीर्घ संधिसमान स्वर (ह्रस्व/दीर्घ) मिलकर दीर्घ बनते हैंविद्या+अर्थी=विद्यार्थी; गिरि+ईश=गिरीश; भानु+उदय=भानूदय
गुण संधिअ/आ के बाद इ/ई=ए, उ/ऊ=ओ, ऋ=अर्नर+इंद्र=नरेंद्र; महा+उत्सव=महोत्सव; महा+ऋषि=महर्षि
वृद्धि संधिअ/आ के बाद ए/ऐ=ऐ, ओ/औ=औएक+एक=एकैक; वन+औषधि=वनौषधि
यण संधिइ/ई=य्, उ/ऊ=व्, ऋ=र् (जब बाद में असमान स्वर हो)यदि+अपि=यद्यपि; सु+आगत=स्वागत; पितृ+आज्ञा=पित्राज्ञा
अयादि संधिए=अय्, ऐ=आय्, ओ=अव्, औ=आव्ने+अन=नयन; नै+अक=नायक; पो+अन=पवन
💡 परीक्षा के लिए याद रखें: स्वर संधि पहचानने के लिए दोनों शब्दों के जोड़ पर मौजूद दो स्वरों को देखें — यही तय करेगा कि दीर्घ, गुण, वृद्धि, यण या अयादि संधि में से कौन सी लागू होगी।

3. व्यंजन संधि — नियम व उदाहरण

जब किसी व्यंजन के साथ स्वर या दूसरे व्यंजन के मिलने से परिवर्तन होता है, उसे व्यंजन संधि कहते हैं।

उदाहरणसंधि विच्छेदनियम
सज्जनसत् + जनत् के बाद घोष व्यंजन (ज) आने पर त् भी घोष (ज्) बनता है
जगदीशजगत् + ईशत् के बाद स्वर आने पर त् घोष (द्) में बदलता है
दिग्गजदिक् + गजक् के बाद घोष व्यंजन (ग) आने पर क् भी घोष (ग्) बनता है
सदानंदसत् + आनंदत् के बाद स्वर आने पर त् द् में बदलता है
उल्लासउत् + लासत् के बाद ल आने पर त् भी ल में बदल जाता है

4. विसर्ग संधि — नियम व उदाहरण

जब विसर्ग (:) के बाद कोई स्वर या व्यंजन आता है और उसके प्रभाव से विसर्ग में परिवर्तन होता है, उसे विसर्ग संधि कहते हैं।

उदाहरणसंधि विच्छेदनियम
मनोरथमनः + रथअ के बाद विसर्ग और फिर घोष व्यंजन आने पर विसर्ग "ओ" में बदल जाता है
निर्धननिः + धनविसर्ग के बाद घोष व्यंजन आने पर विसर्ग "र्" में बदलता है
दुर्बलदुः + बलविसर्ग "र्" में परिवर्तित होकर अगले शब्द से जुड़ता है
निस्संदेहनिः + संदेहविसर्ग के बाद 'स' आने पर विसर्ग "स्" में बदल जाता है
अंतःकरणअंतः + करणविसर्ग के बाद अघोष व्यंजन (क) आने पर विसर्ग अपरिवर्तित रहता है

5. तीनों संधियों में अंतर — मास्टर तालिका

आधारस्वर संधिव्यंजन संधिविसर्ग संधि
मेल किनका होता हैदो स्वरों काव्यंजन के साथ स्वर/व्यंजन काविसर्ग के साथ स्वर/व्यंजन का
पहचानजोड़ पर दो स्वर मिलेंजोड़ पर व्यंजन (त्, क् आदि) होजोड़ पर विसर्ग (:) हो
उदाहरणविद्या+अर्थी=विद्यार्थीसत्+जन=सज्जनमनः+रथ=मनोरथ
💡 ट्रिक: पहले जोड़ पर मौजूद अंतिम व पहले वर्ण को पहचानें — दो स्वर मिलें तो स्वर संधि, व्यंजन से जुड़ाव हो तो व्यंजन संधि, और विसर्ग (:) दिखे तो विसर्ग संधि।

6. डेली फ्री टेस्ट टेबल — तारीख अनुसार (रोज़ अपडेट होगी)

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दिनांकटेस्ट/नोट्स का नामविषयलिंकस्थिति
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7. अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

Q1. संधि किसे कहते हैं?

दो वर्णों (ध्वनियों) के निकट आने पर उनमें होने वाले मेल या परिवर्तन को संधि कहते हैं। जैसे "विद्या + अर्थी" मिलकर "विद्यार्थी" बनता है।

Q2. संधि के कितने भेद होते हैं?

संधि के तीन मुख्य भेद होते हैं — स्वर संधि, व्यंजन संधि और विसर्ग संधि।

Q3. स्वर संधि के कितने उप-भेद होते हैं?

स्वर संधि के पाँच उप-भेद होते हैं — दीर्घ संधि, गुण संधि, वृद्धि संधि, यण संधि और अयादि संधि।

Q4. स्वर संधि और व्यंजन संधि में क्या अंतर है?

स्वर संधि तब होती है जब दो स्वर आपस में मिलते हैं (जैसे विद्या+अर्थी=विद्यार्थी), जबकि व्यंजन संधि तब होती है जब व्यंजन के साथ स्वर या दूसरा व्यंजन मिलने पर परिवर्तन होता है (जैसे सत्+जन=सज्जन)।

Q5. विसर्ग संधि किसे कहते हैं?

जब विसर्ग (:) के बाद कोई स्वर या व्यंजन आने पर विसर्ग में परिवर्तन होता है, तो उसे विसर्ग संधि कहते हैं। जैसे "मनः+रथ" मिलकर "मनोरथ" बनता है।

Q6. संधि विच्छेद किसे कहते हैं?

संधि से बने शब्द को पुनः उसके मूल दो शब्दों में अलग करने की प्रक्रिया को संधि विच्छेद कहते हैं। जैसे "विद्यार्थी" का संधि विच्छेद है — "विद्या + अर्थी"।

Q7. सरकारी परीक्षाओं में संधि से कितने प्रश्न पूछे जाते हैं?

SSC, BPSC TRE, राज्य PCS और शिक्षक भर्ती परीक्षाओं के हिंदी विषय में संधि व संधि-विच्छेद से जुड़े प्रश्न औसतन 3 से 6 प्रश्न प्रति परीक्षा पूछे जाते हैं।

लेखक के बारे में: यह लेख MyTestSeries की संपादकीय टीम द्वारा NCERT हिंदी व्याकरण पाठ्यपुस्तकों और मानक हिंदी व्याकरण संदर्भ ग्रंथों के आधार पर मौलिक रूप से तैयार किया गया है, ताकि SSC, BPSC TRE, राज्य PCS और सभी सरकारी परीक्षाओं के अभ्यर्थियों को सटीक व सरल भाषा में जानकारी मिल सके।

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