छंद किसे कहते हैं? मात्रिक और वर्णिक छंद में अंतर

छंद किसे कहते हैं? मात्रिक और वर्णिक छंद में अंतर

✍️ MyTestSeries संपादकीय टीम  |  🔄 अपडेटेड: सितंबर 2026  |  ⏱️ पढ़ने का समय: 12 मिनट

🎯 एक नज़र में : छंद उस काव्य-रचना को कहते हैं जिसमें वर्णों/मात्राओं की निश्चित संख्या, क्रम, यति और गति का पालन होता है। इसके दो मुख्य भेद हैं — मात्रिक छंद (मात्राओं की गिनती पर आधारित, जैसे दोहा, चौपाई, सोरठा, रोला) और वर्णिक छंद (वर्णों की संख्या व लघु-गुरु क्रम दोनों निश्चित, जैसे कवित्त, सवैया, इंद्रवज्रा)। पहचान की ट्रिक — मात्रिक में सिर्फ कुल मात्रा गिनें, वर्णिक में वर्ण व उनका लघु-गुरु क्रम दोनों देखें।
🚀 पूरी नोट्स व फ्री टेस्ट पाने के लिए रजिस्टर करें

1. छंद की परिभाषा व मूल तत्व

परिभाषा: जिस रचना में वर्णों या मात्राओं की एक निश्चित संख्या, क्रम, यति (विराम) और गति का नियमपूर्वक पालन किया जाता है, उसे छंद कहते हैं।

छंद के मुख्य तत्व इस प्रकार हैं:

  • चरण/पद: छंद की एक पंक्ति को चरण कहते हैं। अधिकतर छंदों में चार चरण होते हैं।
  • मात्रा: किसी वर्ण के उच्चारण में लगने वाला समय। ह्रस्व (छोटे) स्वर वाले वर्ण की 1 मात्रा (लघु) और दीर्घ (बड़े) स्वर वाले वर्ण की 2 मात्राएँ (गुरु) मानी जाती हैं।
  • वर्ण: छंद में प्रयुक्त कुल अक्षरों की संख्या।
  • यति: चरण के बीच में आने वाला विराम या ठहराव।
  • तुक: चरणों के अंत में समान ध्वनि की पुनरावृत्ति (तुकबंदी)।

गणना के आधार पर छंद के दो मुख्य भेद हैं — मात्रिक छंद और वर्णिक छंद।

2. मात्रिक छंद — परिभाषा व प्रमुख उदाहरण

परिभाषा: जिस छंद की रचना मात्राओं की गिनती के आधार पर होती है (वर्णों की संख्या के आधार पर नहीं), उसे मात्रिक छंद कहते हैं। इसमें लघु-गुरु वर्णों का क्रम बंधा हुआ नहीं होता, सिर्फ कुल मात्रा-योग निश्चित रहता है।

छंदसंरचना (मात्राएँ)
दोहा4 चरण — विषम चरण (1,3) में 13-13 मात्राएँ, सम चरण (2,4) में 11-11 मात्राएँ
चौपाई4 चरण — प्रत्येक चरण में 16-16 मात्राएँ
सोरठादोहे का उल्टा क्रम — विषम चरण में 11-11, सम चरण में 13-13 मात्राएँ
रोला4 चरण — प्रत्येक चरण में 24-24 मात्राएँ (11+13 यति सहित)

3. वर्णिक छंद — परिभाषा व प्रमुख उदाहरण

परिभाषा: जिस छंद की रचना वर्णों (अक्षरों) की निश्चित संख्या के साथ-साथ लघु-गुरु का क्रम भी निश्चित होकर होती है, उसे वर्णिक छंद कहते हैं। यह मात्रिक छंद से अधिक नियमबद्ध होता है।

छंदसंरचना (वर्ण)
कवित्त (मनहर)4 चरण — प्रत्येक में 31 वर्ण (8+8+8+7 यति सहित)
सवैया4 चरण — वर्णों की संख्या व लघु-गुरु क्रम प्रकार अनुसार निश्चित (सामान्यतः 22-26 वर्ण प्रति चरण)
इंद्रवज्रा4 चरण — प्रत्येक में 11 वर्ण, विशेष लघु-गुरु क्रम के साथ

4. मात्रिक बनाम वर्णिक छंद — अंतर की ट्रिक

आधारमात्रिक छंदवर्णिक छंद
गणना का आधारमात्राओं की संख्यावर्णों की संख्या + लघु-गुरु क्रम
लघु-गुरु क्रमनिश्चित नहीं (स्वतंत्र)पूर्णतः निश्चित
उदाहरणदोहा, चौपाई, सोरठा, रोलाकवित्त, सवैया, इंद्रवज्रा
💡 ट्रिक: अगर छंद में सिर्फ कुल मात्राओं की गिनती मायने रखती है और लघु-गुरु वर्णों का क्रम बदला जा सकता है, तो वह मात्रिक छंद है। अगर वर्णों की संख्या के साथ-साथ हर वर्ण का लघु या गुरु होना भी तय है, तो वह वर्णिक छंद है।

5. मुक्त छंद — संक्षिप्त परिचय

आधुनिक हिंदी कविता में एक तीसरी श्रेणी भी प्रचलित है — मुक्त छंद (Free Verse)। इसमें मात्रा, वर्ण, यति या तुक का कोई बंधा हुआ नियम नहीं होता; कवि भाव के अनुसार पंक्तियाँ स्वतंत्र रूप से लिखता है। छायावादी व आधुनिक कवियों (जैसे सूर्यकांत त्रिपाठी 'निराला') की कई रचनाएँ मुक्त छंद में हैं।

6. डेली फ्री टेस्ट टेबल — तारीख अनुसार (रोज़ अपडेट होगी)

नीचे दी गई टेबल में हर दिन का नया फ्री टेस्ट/नोट्स जोड़ा जाएगा। रोज़ सुबह चेक करें।

दिनांकटेस्ट/नोट्स का नामविषयलिंकस्थिति
19-09-2026 छंद — मात्रिक और वर्णिक छंद में अंतर हिंदी व्याकरण अभी पढ़ें → Live
18-09-2026 तत्सम, तद्भव, देशज, विदेशी शब्द में अंतर हिंदी व्याकरण अभी पढ़ें → Live
17-09-2026 अलंकार के भेद — शब्दालंकार और अर्थालंकार हिंदी व्याकरण अभी पढ़ें → Live
16-09-2026 उपसर्ग और प्रत्यय — भेद सहित पूरी लिस्ट हिंदी व्याकरण अभी पढ़ें → Live

📌 पुराने सभी टेस्ट व नोट्स हमेशा के लिए फ्री रहेंगे — मिस मत करें, रोज़ शाम 6 बजे नया कंटेंट जुड़ेगा।

7. अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

Q1. छंद किसे कहते हैं?

जिस रचना में वर्णों या मात्राओं की एक निश्चित संख्या, क्रम, यति और गति का नियमपूर्वक पालन किया जाता है, उसे छंद कहते हैं।

Q2. मात्रिक छंद किसे कहते हैं?

जिस छंद में मात्राओं की गिनती के आधार पर रचना की जाती है, उसे मात्रिक छंद कहते हैं। जैसे दोहा, चौपाई, सोरठा, रोला।

Q3. वर्णिक छंद किसे कहते हैं?

जिस छंद में वर्णों की संख्या के साथ-साथ लघु-गुरु का क्रम भी निश्चित होता है, उसे वर्णिक छंद कहते हैं। जैसे कवित्त, सवैया, इंद्रवज्रा।

Q4. मात्रिक और वर्णिक छंद में मुख्य अंतर क्या है?

मात्रिक छंद में सिर्फ कुल मात्राओं की संख्या निश्चित होती है, जबकि वर्णिक छंद में वर्णों की संख्या के साथ-साथ लघु-गुरु का क्रम भी बिल्कुल निश्चित होता है।

Q5. दोहा छंद की क्या पहचान है?

दोहा एक मात्रिक छंद है, जिसमें चार चरण होते हैं — विषम चरणों में 13-13 मात्राएँ और सम चरणों में 11-11 मात्राएँ होती हैं।

Q6. सरकारी परीक्षाओं में छंद से कितने प्रश्न पूछे जाते हैं?

SSC, BPSC TRE, राज्य PCS और शिक्षक भर्ती परीक्षाओं के हिंदी विषय में छंद से जुड़े प्रश्न औसतन 2 से 4 प्रश्न प्रति परीक्षा पूछे जाते हैं।

लेखक के बारे में: यह लेख MyTestSeries की संपादकीय टीम द्वारा NCERT हिंदी व्याकरण पाठ्यपुस्तकों और मानक हिंदी छंदशास्त्र संदर्भ ग्रंथों के आधार पर मौलिक रूप से तैयार किया गया है, ताकि SSC, BPSC TRE, राज्य PCS और सभी सरकारी परीक्षाओं के अभ्यर्थियों को सटीक व सरल भाषा में जानकारी मिल सके।

Get Daily Free Questions

Practice Faster. Score Higher.

Download Our App

Practice Faster. Score Higher. Install the App Now.

Categories

Test Series

Recent Comments