कारक कितने प्रकार के होते हैं? विभक्ति सहित पूरा चार्ट

कारक कितने प्रकार के होते हैं? विभक्ति सहित पूरा चार्ट (Karak & Vibhakti)

✍️ MyTestSeries संपादकीय टीम  |  🔄 अपडेटेड: सितंबर 2026  |  ⏱️ पढ़ने का समय: 13 मिनट  |  📝 अंत में 10 फ्री MCQ टेस्ट

🎯 एक नज़र में (TL;DR): हिंदी व्याकरण में कारक के आठ भेद होते हैं — कर्ता (ने), कर्म (को), करण (से/द्वारा), संप्रदान (को/के लिए), अपादान (से), संबंध (का/के/की), अधिकरण (में/पर) और संबोधन (हे/अरे)। इन चिह्नों को विभक्ति कहा जाता है। करण व अपादान दोनों में "से" आता है — फर्क यह है कि करण में "से" साधन बताता है और अपादान में "से" अलगाव का भाव बताता है।
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1. कारक का परिचय व परिभाषा

परिभाषा: संज्ञा या सर्वनाम के जिस रूप से वाक्य में प्रयुक्त क्रिया के साथ उसके संबंध का बोध होता है, उसे कारक कहते हैं। सरल शब्दों में — कारक यह बताता है कि वाक्य में कोई शब्द क्रिया से किस प्रकार जुड़ा है (कौन कर रहा है, किसके लिए, किससे, कहाँ आदि)।

कारक को पहचानने वाले चिह्नों (ने, को, से, का आदि) को विभक्ति या कारक-चिह्न कहा जाता है।

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2. कारक व विभक्ति का पूरा चार्ट (8 भेद)

कारकविभक्ति चिह्नक्या बताता हैउदाहरण
कर्ता कारकनेक्रिया करने वालाराम ने खाना खाया
कर्म कारककोक्रिया का प्रभाव किस पर पड़ेमोहन ने राम को बुलाया
करण कारकसे / द्वाराक्रिया का साधन/माध्यममैं कलम से लिखता हूँ
संप्रदान कारकको / के लिएजिसके लिए क्रिया की जाएमाँ बच्चे के लिए खाना बनाती है
अपादान कारकसे (अलग होने का भाव)किसी वस्तु से अलगावपेड़ से पत्ता गिरा
संबंध कारकका / के / कीदो वस्तुओं/व्यक्तियों में संबंधयह राम की किताब है
अधिकरण कारकमें / परक्रिया का आधार (स्थान/समय)किताब मेज़ पर रखी है
संबोधन कारकहे! / अरे! / अजी!किसी को पुकारना/संबोधित करनाहे राम! यहाँ आओ
💡 परीक्षा के लिए याद रखें: संबोधन कारक का कोई निश्चित विभक्ति चिह्न नहीं होता — इसे विस्मयादिबोधक चिह्न (!) से पहचाना जाता है।

3. हर कारक का विस्तृत विवरण व उदाहरण

(क) कर्ता कारक

वाक्य में जो कार्य करता है, उसे कर्ता कारक कहते हैं। इसका विभक्ति चिह्न "ने" है, जो सामान्यतः भूतकाल के सकर्मक वाक्यों में लगता है — जैसे "सीता ने पत्र लिखा।"

(ख) कर्म कारक

जिस वस्तु या व्यक्ति पर क्रिया का प्रभाव पड़े, उसे कर्म कारक कहते हैं। इसका विभक्ति चिह्न "को" है — जैसे "अध्यापक ने छात्र को पढ़ाया।"

(ग) करण कारक

जिस साधन या माध्यम से क्रिया संपन्न हो, उसे करण कारक कहते हैं। इसका विभक्ति चिह्न "से/द्वारा" है — जैसे "वह बस से स्कूल जाता है।"

(घ) संप्रदान कारक

जिसके लिए क्रिया की जाए, उसे संप्रदान कारक कहते हैं। इसका विभक्ति चिह्न "को/के लिए" है — जैसे "पिताजी ने बेटी के लिए उपहार खरीदा।"

(ङ) अपादान कारक

जिससे किसी वस्तु का अलग होना (वियोग) प्रकट हो, उसे अपादान कारक कहते हैं। इसका विभक्ति चिह्न भी "से" है, परंतु यहाँ यह अलगाव का भाव दर्शाता है — जैसे "गंगा हिमालय से निकलती है।"

(च) संबंध कारक

जो शब्द किसी संज्ञा या सर्वनाम का किसी अन्य संज्ञा से संबंध बताए, उसे संबंध कारक कहते हैं। इसका विभक्ति चिह्न "का/के/की" है — जैसे "यह मोहन का घर है।"

(छ) अधिकरण कारक

क्रिया के आधार (स्थान या समय) को बताने वाले कारक को अधिकरण कारक कहते हैं। इसका विभक्ति चिह्न "में/पर" है — जैसे "बच्चे मैदान में खेल रहे हैं।"

(ज) संबोधन कारक

जब किसी व्यक्ति को पुकारा या संबोधित किया जाए, तो वहाँ संबोधन कारक होता है — जैसे "अरे बच्चों! शोर मत करो।" इसका कोई निश्चित विभक्ति चिह्न नहीं होता, इसे विस्मयादिबोधक चिह्न (!) से पहचाना जाता है।

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4. करण व अपादान कारक में अंतर — ट्रिक

छात्रों को सबसे अधिक भ्रम करण और अपादान कारक में होता है, क्योंकि दोनों में विभक्ति चिह्न "से" ही आता है। इसे इस तरह याद रखें:

आधारकरण कारकअपादान कारक
भावसाधन/माध्यम का बोधअलग होने (वियोग) का बोध
पहचान-प्रश्न"किसके द्वारा/किस साधन से?""किससे अलग हुआ?"
उदाहरणमैं कलम से लिखता हूँ (कलम = साधन)पेड़ से पत्ता गिरा (अलगाव)
💡 ट्रिक: यदि "से" हटाने पर भी वाक्य का साधन/उपकरण वाला भाव समझ आए, तो करण कारक; यदि "से" किसी चीज़ के अलग होने का भाव दे, तो अपादान कारक।

5. कारक याद रखने की मास्टर ट्रिक

आठों कारकों को क्रम से याद रखने के लिए यह सरल पंक्ति याद रखें:

📌 याद रखने का सूत्र:
"कर्ता करे, कर्म को सहे, करण साधन बने,
संप्रदान दे, अपादान अलग करे, संबंध जोड़े,
अधिकरण ठिकाना बताए, संबोधन पुकारे।"

इस क्रम को याद रखते हुए हर कारक के विभक्ति चिह्न (ने-को-से/द्वारा-को/के लिए-से-का/के/की-में/पर-हे) को दोहराते रहें, जल्दी याद हो जाएगा।

6. डेली फ्री टेस्ट टेबल — तारीख अनुसार (रोज़ अपडेट होगी)

नीचे दी गई टेबल में हर दिन का नया फ्री टेस्ट जोड़ा जाएगा। रोज़ सुबह चेक करें और अपना टेस्ट attempt करें।

दिनांकटेस्ट का नामविषयप्रश्नलिंकस्थिति
10-09-2026 कारक व विभक्ति चार्ट — डेली टेस्ट हिंदी व्याकरण 10 फ्री टेस्ट दें → Live
09-09-2026 संज्ञा, सर्वनाम, विशेषण, क्रिया — डेली टेस्ट हिंदी व्याकरण 10 फ्री टेस्ट दें → Live
08-09-2026 सिंधु घाटी सभ्यता — डेली टेस्ट प्राचीन भारतीय इतिहास 10 फ्री टेस्ट दें → Live
07-09-2026 भारत की नदी प्रणाली — डेली टेस्ट भारतीय भूगोल 10 फ्री टेस्ट दें → Live

📌 पुराने सभी टेस्ट हमेशा के लिए फ्री रहेंगे — मिस मत करें, रोज़ शाम 6 बजे नया टेस्ट जुड़ेगा।

7. कारक व विभक्ति — 10 प्रश्नों का फ्री MCQ टेस्ट

नीचे दिए गए सभी 10 प्रश्नों के उत्तर चुनें और अंत में "रिज़ल्ट देखें" बटन दबाएँ। हर प्रश्न के साथ विस्तृत व्याख्या भी दी गई है।

प्र.1) हिंदी व्याकरण में कारक के कुल कितने भेद होते हैं?

व्याख्या: हिंदी में कारक के आठ भेद होते हैं — कर्ता, कर्म, करण, संप्रदान, अपादान, संबंध, अधिकरण और संबोधन।

प्र.2) कर्ता कारक का विभक्ति चिह्न क्या है?

व्याख्या: कर्ता कारक का विभक्ति चिह्न "ने" है — जैसे "राम ने खाना खाया।"

प्र.3) "मोहन ने राम को बुलाया" वाक्य में "राम को" किस कारक का उदाहरण है?

व्याख्या: यहाँ क्रिया "बुलाना" का प्रभाव "राम" पर पड़ रहा है, इसलिए यह कर्म कारक है।

प्र.4) "मैं कलम से लिखता हूँ" वाक्य में "कलम से" किस कारक का उदाहरण है?

व्याख्या: "कलम" लिखने की क्रिया का साधन है, इसलिए यह करण कारक है।

प्र.5) "पेड़ से पत्ता गिरा" वाक्य में "पेड़ से" किस कारक का उदाहरण है?

व्याख्या: यहाँ "से" पत्ते के पेड़ से अलग होने (वियोग) का भाव दे रहा है, इसलिए यह अपादान कारक है।

प्र.6) "यह राम की किताब है" वाक्य में "राम की" किस कारक का उदाहरण है?

व्याख्या: "राम की" किताब से संबंध (स्वामित्व) दर्शा रहा है, इसलिए यह संबंध कारक है।

प्र.7) "किताब मेज़ पर रखी है" वाक्य में "मेज़ पर" किस कारक का उदाहरण है?

व्याख्या: "मेज़ पर" क्रिया के स्थान (आधार) को बता रहा है, इसलिए यह अधिकरण कारक है।

प्र.8) "हे राम! यहाँ आओ" वाक्य में "हे राम!" किस कारक का उदाहरण है?

व्याख्या: यहाँ "राम" को पुकारा जा रहा है, इसलिए यह संबोधन कारक है, जिसे विस्मयादिबोधक चिह्न (!) से पहचाना जाता है।

प्र.9) संप्रदान कारक का विभक्ति चिह्न क्या है?

व्याख्या: संप्रदान कारक का विभक्ति चिह्न "को/के लिए" है — जैसे "पिताजी ने बेटी के लिए उपहार खरीदा।"

प्र.10) करण कारक और अपादान कारक में मुख्य अंतर क्या है, जबकि दोनों में "से" आता है?

व्याख्या: करण कारक में "से" साधन/माध्यम का बोध कराता है, जबकि अपादान कारक में "से" किसी वस्तु के अलग होने का भाव दर्शाता है।

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8. अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

Q1. कारक किसे कहते हैं?

संज्ञा या सर्वनाम के जिस रूप से वाक्य में क्रिया के साथ उसके संबंध का बोध होता है, उसे कारक कहते हैं।

Q2. कारक के कुल कितने भेद होते हैं?

हिंदी व्याकरण में कारक के आठ भेद होते हैं — कर्ता, कर्म, करण, संप्रदान, अपादान, संबंध, अधिकरण और संबोधन कारक।

Q3. विभक्ति किसे कहते हैं?

संज्ञा या सर्वनाम के साथ लगने वाले "ने, को, से, के लिए, का-के-की, में-पर, हे" जैसे चिह्नों को विभक्ति (कारक चिह्न) कहा जाता है।

Q4. करण कारक और अपादान कारक में क्या अंतर है, जबकि दोनों में "से" आता है?

करण कारक में "से" साधन या माध्यम का बोध कराता है, जबकि अपादान कारक में "से" किसी वस्तु के अलग होने का भाव दर्शाता है।

Q5. कर्ता कारक और कर्म कारक में क्या अंतर है?

कर्ता कारक कार्य करने वाले को दर्शाता है (जिसके साथ "ने" लगता है), जबकि कर्म कारक उस वस्तु/व्यक्ति को दर्शाता है जिस पर क्रिया का प्रभाव पड़ता है (जिसके साथ "को" लगता है)।

Q6. संबोधन कारक की क्या पहचान है?

जब किसी को पुकारा या संबोधित किया जाए, तो वहाँ संबोधन कारक होता है — जैसे "हे राम!" इसका कोई निश्चित विभक्ति चिह्न नहीं होता, बल्कि विस्मयादिबोधक चिह्न (!) प्रयोग होता है।

Q7. सरकारी परीक्षाओं में कारक से कितने प्रश्न पूछे जाते हैं?

SSC, BPSC TRE, राज्य PCS और शिक्षक भर्ती परीक्षाओं के हिंदी विषय में कारक व विभक्ति से जुड़े प्रश्न औसतन 2 से 5 प्रश्न प्रति परीक्षा पूछे जाते हैं।

लेखक के बारे में: यह लेख MyTestSeries की संपादकीय टीम द्वारा NCERT हिंदी व्याकरण पाठ्यपुस्तकों और मानक हिंदी व्याकरण संदर्भ ग्रंथों के आधार पर मौलिक रूप से तैयार किया गया है, ताकि SSC, BPSC TRE, राज्य PCS और सभी सरकारी परीक्षाओं के अभ्यर्थियों को सटीक व सरल भाषा में जानकारी मिल सके।

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