वाच्य किसे कहते हैं? कर्तृवाच्य, कर्मवाच्य, भाववाच्य में अंतर
वाच्य हिंदी व्याकरण का महत्वपूर्ण अध्याय है। इस Complete Notes में वाच्य की परिभाषा, कर्तृवाच्य, कर्मवाच्य और भाववाच्य के नियम, पहचानने की ट्रिक, उदाहरण, अंतर की तालिका, रूपांतरण, परीक्षा-उपयोगी MCQ और Daily Free Test को आसान भाषा में समझाया गया है।
क्रिया के जिस रूप से यह पता चलता है कि वाक्य में कर्ता, कर्म या भाव में से किसकी प्रधानता है, उसे वाच्य कहते हैं।
वाच्य क्या है? — Quick Answer
क्रिया के जिस रूप से यह पता चलता है कि वाक्य में कर्ता की प्रधानता है, कर्म की प्रधानता है या केवल क्रिया/भाव की प्रधानता है, उसे वाच्य कहते हैं।
हिंदी व्याकरण में वाच्य के मुख्यतः तीन भेद माने जाते हैं — कर्तृवाच्य, कर्मवाच्य और भाववाच्य।
जिस वाक्य में कर्ता की प्रधानता हो और क्रिया का संबंध कर्ता से स्पष्ट हो, उसे कर्तृवाच्य कहते हैं। जैसे — राम पत्र लिखता है।
जिस वाक्य में कर्म की प्रधानता हो और क्रिया कर्म के अनुसार प्रयुक्त हो, उसे कर्मवाच्य कहते हैं। जैसे — पत्र राम द्वारा लिखा जाता है।
जिस वाक्य में कर्ता या कर्म की अपेक्षा क्रिया के भाव या कार्य की प्रधानता हो, उसे भाववाच्य कहते हैं। जैसे — मुझसे चला नहीं जाता।
इस Notes में क्या-क्या पढ़ेंगे?
1. वाच्य की परिभाषा और अर्थ 2. वाच्य के तीन भेद 3. कर्तृवाच्य 4. कर्मवाच्य 5. भाववाच्य 6. तीनों वाच्यों में अंतर 7. वाच्य पहचानने की आसान ट्रिक 8. वाच्य परिवर्तन 9. महत्वपूर्ण उदाहरण 10. Daily Free Test 11. परीक्षा उपयोगी MCQ 12. Related Hindi Grammar Notes 13. Official References 14. FAQवाच्य किसे कहते हैं?
वाच्य शब्द का संबंध क्रिया के उस रूप से है जिससे यह स्पष्ट होता है कि वाक्य में मुख्य रूप से कर्ता, कर्म या क्रिया का भाव किसे प्रमुखता दी गई है।
सरल शब्दों में, एक ही घटना को अलग-अलग ढंग से व्यक्त किया जा सकता है। कभी हमारा ध्यान काम करने वाले व्यक्ति पर होता है, कभी काम के प्रभाव को प्राप्त करने वाले कर्म पर और कभी केवल काम होने या न होने के भाव पर। इसी अंतर को वाच्य के माध्यम से समझा जाता है।
वाच्य के कितने भेद हैं?
1. कर्तृवाच्य
जिसमें कर्ता प्रधान होता है और कर्ता स्वयं क्रिया करता है।
उदाहरण: मोहन पुस्तक पढ़ता है।
2. कर्मवाच्य
जिसमें कर्म प्रधान होता है और क्रिया का प्रभाव कर्म पर दिखाया जाता है।
उदाहरण: पुस्तक मोहन द्वारा पढ़ी जाती है।
3. भाववाच्य
जिसमें क्रिया के भाव की प्रधानता होती है।
उदाहरण: मोहन से पढ़ा नहीं जाता।
कर्तृवाच्य किसे कहते हैं?
जिस वाक्य में कर्ता की प्रधानता होती है और कर्ता स्वयं क्रिया करता है, वहाँ कर्तृवाच्य होता है।
उदाहरण
| वाक्य | कर्ता | क्रिया | प्रधानता |
|---|---|---|---|
| राम पुस्तक पढ़ता है। | राम | पढ़ता है | कर्ता |
| सीमा खाना बनाती है। | सीमा | बनाती है | कर्ता |
| बच्चे मैदान में खेलते हैं। | बच्चे | खेलते हैं | कर्ता |
| मोहन पत्र लिखता है। | मोहन | लिखता है | कर्ता |
कर्मवाच्य किसे कहते हैं?
जिस वाक्य में कर्म की प्रधानता होती है और क्रिया का प्रभाव कर्म पर केंद्रित होता है, उसे कर्मवाच्य कहते हैं।
कर्मवाच्य में कर्ता को प्रायः “द्वारा” के साथ व्यक्त किया जा सकता है। लेकिन केवल “द्वारा” देखकर ही हर वाक्य को कर्मवाच्य नहीं मानना चाहिए; पूरे वाक्य की संरचना और क्रिया का संबंध देखना आवश्यक है।
उदाहरण
| कर्तृवाच्य | कर्मवाच्य |
|---|---|
| राम पत्र लिखता है। | पत्र राम द्वारा लिखा जाता है। |
| सीमा खाना बनाती है। | खाना सीमा द्वारा बनाया जाता है। |
| शिक्षक पाठ पढ़ाते हैं। | पाठ शिक्षक द्वारा पढ़ाया जाता है। |
| पुलिस ने चोर को पकड़ा। | चोर पुलिस द्वारा पकड़ा गया। |
| मजदूर सड़क बनाते हैं। | सड़क मजदूरों द्वारा बनाई जाती है। |
भाववाच्य किसे कहते हैं?
जिस वाक्य में कर्ता या कर्म को प्रधानता देने के बजाय क्रिया के भाव को प्रधानता दी जाती है, वहाँ भाववाच्य होता है।
भाववाच्य में प्रायः यह भाव मिलता है कि कोई कार्य किसी व्यक्ति से हो रहा है, नहीं हो रहा है, किया जा सकता है या नहीं किया जा सकता। ऐसे वाक्यों में “से” का प्रयोग अक्सर दिखाई देता है।
भाववाच्य के प्रमुख उदाहरण
| वाक्य | भाव |
|---|---|
| मुझसे चला नहीं जाता। | चलने की असमर्थता/भाव |
| उससे बैठा नहीं जाता। | बैठने का भाव/असमर्थता |
| मुझसे इतना काम नहीं किया जाता। | काम न कर पाने का भाव |
| राम से अब पढ़ा नहीं जाता। | पढ़ने की असमर्थता का भाव |
| बच्चों से इतनी देर बैठा नहीं जाता। | बैठने की असमर्थता का भाव |
कर्तृवाच्य, कर्मवाच्य और भाववाच्य में अंतर
| आधार | कर्तृवाच्य | कर्मवाच्य | भाववाच्य |
|---|---|---|---|
| प्रधानता | कर्ता | कर्म | भाव/क्रिया |
| मुख्य प्रश्न | कौन काम कर रहा है? | किस पर काम हो रहा है? | काम होने/न होने का क्या भाव है? |
| कर्म | हो सकता है या नहीं भी | सामान्यतः आवश्यक | सामान्यतः कर्म प्रधान नहीं होता |
| कर्ता | मुख्य/प्रधान | अक्सर “द्वारा” आदि से व्यक्त | अक्सर “से” के साथ गौण रूप में |
| क्रिया | कर्ता के अनुसार | कर्म के अनुसार रूप बदल सकती है | भाव के अनुसार विशेष प्रयोग |
| उदाहरण | राम पत्र लिखता है। | पत्र राम द्वारा लिखा जाता है। | राम से लिखा नहीं जाता। |
| पहचान | कर्ता प्रधान | कर्म प्रधान | भाव/कार्य प्रधान |
वाच्य पहचानने की सबसे आसान ट्रिक
Step 1 — कर्ता को खोजें
पूछें — काम कौन कर रहा है? यदि कर्ता ही वाक्य का मुख्य केंद्र है, तो कर्तृवाच्य की संभावना है।
उदाहरण: “सीमा पत्र लिखती है।” → सीमा काम कर रही है → कर्तृवाच्य
Step 2 — कर्म को देखें
पूछें — काम किस पर हो रहा है? यदि कर्म को सामने रखकर क्रिया व्यक्त की गई है, तो कर्मवाच्य हो सकता है।
उदाहरण: “पत्र सीमा द्वारा लिखा जाता है।” → पत्र प्रमुख है → कर्मवाच्य
Step 3 — भाव को देखें
यदि वाक्य में किसी व्यक्ति या वस्तु को मुख्य बनाने के बजाय कार्य के होने, न होने, करने में असमर्थता आदि का भाव प्रमुख है, तो भाववाच्य देखें।
उदाहरण: “मुझसे चला नहीं जाता।” → चलने के भाव/असमर्थता की प्रधानता → भाववाच्य
कर्ता प्रधान = कर्तृवाच्य
कर्म प्रधान = कर्मवाच्य
भाव/क्रिया प्रधान = भाववाच्य
वाच्य परिवर्तन — कर्तृवाच्य से कर्मवाच्य
वाच्य परिवर्तन में वाक्य की मूल घटना और अर्थ को बनाए रखते हुए उसकी वाच्य-रचना बदली जाती है। कर्तृवाच्य से कर्मवाच्य बनाते समय सामान्यतः कर्म को आगे लाया जाता है और कर्ता को “द्वारा” के साथ व्यक्त किया जा सकता है।
| क्रम | कर्तृवाच्य | कर्मवाच्य |
|---|---|---|
| 1 | राम पत्र लिखता है। | पत्र राम द्वारा लिखा जाता है। |
| 2 | सीमा कहानी लिखती है। | कहानी सीमा द्वारा लिखी जाती है। |
| 3 | शिक्षक पाठ पढ़ाते हैं। | पाठ शिक्षक द्वारा पढ़ाया जाता है। |
| 4 | माँ भोजन बनाती है। | भोजन माँ द्वारा बनाया जाता है। |
| 5 | मजदूर मकान बनाते हैं। | मकान मजदूरों द्वारा बनाया जाता है। |
वाच्य परिवर्तन की परीक्षा ट्रिक
- सबसे पहले क्रिया पहचानें।
- कर्ता और कर्म अलग करें।
- कर्म को वाक्य में प्रमुख स्थान दें।
- कर्ता को आवश्यकता अनुसार “द्वारा” के साथ रखें।
- क्रिया का लिंग और वचन नए प्रमुख कर्म के अनुसार जाँचें।
- अंत में पूरा वाक्य पढ़कर अर्थ समान है या नहीं देखें।
कर्तृवाच्य, कर्मवाच्य और भाववाच्य के महत्वपूर्ण उदाहरण
| वाक्य | वाच्य | पहचान |
|---|---|---|
| राम पुस्तक पढ़ता है। | कर्तृवाच्य | राम कर्ता प्रधान है। |
| पुस्तक राम द्वारा पढ़ी जाती है। | कर्मवाच्य | पुस्तक कर्म प्रधान है। |
| मुझसे पढ़ा नहीं जाता। | भाववाच्य | पढ़ने के भाव की प्रधानता। |
| सीमा गीत गाती है। | कर्तृवाच्य | सीमा कर्ता प्रधान। |
| गीत सीमा द्वारा गाया जाता है। | कर्मवाच्य | गीत कर्म प्रधान। |
| सीमा से गाया नहीं जाता। | भाववाच्य | गाने की असमर्थता का भाव। |
| बच्चे मैदान में खेलते हैं। | कर्तृवाच्य | बच्चे कर्ता प्रधान। |
| मैच खिलाड़ियों द्वारा खेला जाता है। | कर्मवाच्य | मैच कर्म प्रधान। |
| मुझसे इतनी देर बैठा नहीं जाता। | भाववाच्य | बैठने के भाव की प्रधानता। |
वाच्य में होने वाली सामान्य गलतियाँ
गलती 1 — “द्वारा” देखते ही कर्मवाच्य मान लेना
“द्वारा” कर्मवाच्य की पहचान में मदद कर सकता है, लेकिन अंतिम निर्णय पूरे वाक्य की संरचना देखकर करें।
गलती 2 — “से” देखते ही भाववाच्य मान लेना
“से” कारक संबंध भी दिखा सकता है। इसलिए केवल “से” के आधार पर भाववाच्य तय करना सही नहीं है।
गलती 3 — कर्ता और कर्म में भ्रम
वाक्य में जो शब्द काम करता हुआ दिखाई दे, वह हमेशा व्याकरणिक रूप से एक ही प्रकार से प्रमुख हो, यह जरूरी नहीं। क्रिया और वाक्य-संरचना देखें।
गलती 4 — वाच्य और काल को एक समझ लेना
काल से क्रिया के समय का पता चलता है, जबकि वाच्य से कर्ता, कर्म या भाव की प्रधानता समझी जाती है।
काल पूछे → काम कब हुआ?
वाच्य पूछे → किसकी प्रधानता है?
वाच्य और काल में अंतर
| आधार | वाच्य | काल |
|---|---|---|
| क्या बताता है? | कर्ता, कर्म या भाव की प्रधानता | क्रिया के समय का बोध |
| मुख्य प्रश्न | किसकी प्रधानता है? | काम कब हुआ? |
| मुख्य भेद | कर्तृवाच्य, कर्मवाच्य, भाववाच्य | वर्तमान, भूत, भविष्यत् |
| उदाहरण | राम द्वारा पत्र लिखा जाता है। | राम पत्र लिख रहा था। |
Related Study: काल के भेद समझने के लिए हमारी काल के भेद — वर्तमान, भूत और भविष्यत् काल notes भी पढ़ें।
वाच्य — Daily Free Test | Date-Wise Table
इस तालिका को रोज़ अपडेट किया जा सकता है। नया टेस्ट उपलब्ध होने पर सबसे ऊपर नई तारीख की row जोड़ें। पुराने टेस्ट नीचे archive की तरह रखे जा सकते हैं।
| दिनांक | टेस्ट / Notes | विषय | प्रश्न | स्थिति |
|---|---|---|---|---|
| 25-09-2026 | वाच्य — कर्तृवाच्य, कर्मवाच्य, भाववाच्य | हिंदी व्याकरण | 15 | आज का Topic |
| 24-09-2026 | विराम चिह्न — नियम और प्रयोग | हिंदी व्याकरण | 10+ | Live |
| 23-09-2026 | वाक्य शुद्धि — सामान्य अशुद्धियाँ | हिंदी व्याकरण | 20 | Live |
| 22-09-2026 | उपसर्ग और प्रत्यय | हिंदी व्याकरण | 10+ | Live |
| 21-09-2026 | संधि के भेद | हिंदी व्याकरण | 10+ | Live |
| 20-09-2026 | कारक और विभक्ति | हिंदी व्याकरण | 10+ | Live |
हर नए दिन सिर्फ सबसे ऊपर एक नई row जोड़ें। Test URL live होने से पहले काल्पनिक URL न डालें।
वाच्य के महत्वपूर्ण MCQ — सरकारी परीक्षा अभ्यास
A. कर्मवाच्य B. भाववाच्य C. कर्तृवाच्य D. इनमें से कोई नहीं
उत्तर: C. कर्तृवाच्य
A. कर्तृवाच्य B. कर्मवाच्य C. भाववाच्य D. कालवाच्य
उत्तर: B. कर्मवाच्य
A. कर्तृवाच्य B. कर्मवाच्य C. भाववाच्य D. इनमें से कोई नहीं
उत्तर: C. भाववाच्य
A. कर्म B. कर्ता C. भाव D. काल
उत्तर: B. कर्ता
A. कर्मवाच्य B. कर्तृवाच्य C. भाववाच्य D. संज्ञावाच्य
उत्तर: A. कर्मवाच्य
A. शब्द की उत्पत्ति B. कर्ता-कर्म-भाव की प्रधानता C. वर्तनी D. पर्यायवाची
उत्तर: B. कर्ता-कर्म-भाव की प्रधानता
A. दोनों समान हैं B. काल समय बताता है, वाच्य प्रधानता C. वाच्य समय बताता है D. कोई अंतर नहीं
उत्तर: B. काल समय बताता है, वाच्य प्रधानता
A. सकर्मक क्रिया B. केवल अकर्मक क्रिया C. केवल सहायक क्रिया D. कोई भी नहीं
उत्तर: A. सकर्मक क्रिया
A. कर्तृवाच्य B. कर्मवाच्य C. भाववाच्य D. भविष्यत् काल
उत्तर: C. भाववाच्य
A. राम B. पत्र C. द्वारा D. लिखा
उत्तर: B. पत्र
Official Hindi Grammar References
Central Hindi Directorate की वेबसाइट पर A Basic Grammar of Modern Hindi उपलब्ध है, जिसे आधुनिक हिंदी के वैज्ञानिक अध्ययन पर आधारित comprehensive grammar resource के रूप में प्रस्तुत किया गया है। :contentReference[oaicite:1]{index=1}
Official Central Hindi Directorate — Basic Grammar of Modern Hindi →National Institute of Open Schooling के official digital resources में Hindi के अध्ययन-संसाधन उपलब्ध हैं। :contentReference[oaicite:2]{index=2}
Official NIOS Hindi eResources →नोट: External links केवल reference और अतिरिक्त अध्ययन के लिए हैं। किसी विशेष सरकारी परीक्षा के syllabus, eligibility या notification के लिए संबंधित परीक्षा संस्था की नवीनतम official notification को प्राथमिक स्रोत मानें।
वाच्य — 30 सेकंड Last Minute Revision
कर्म प्रधान = कर्मवाच्य
भाव प्रधान = भाववाच्य
| याद रखने की बात | वाच्य | उदाहरण |
|---|---|---|
| कर्ता मुख्य है | कर्तृवाच्य | राम पत्र लिखता है। |
| कर्म मुख्य है | कर्मवाच्य | पत्र राम द्वारा लिखा जाता है। |
| कार्य/भाव मुख्य है | भाववाच्य | मुझसे चला नहीं जाता। |
कर्ता → कर्तृवाच्य | कर्म → कर्मवाच्य | भाव → भाववाच्य
अध्ययन संबंधी महत्वपूर्ण नोट
यह page प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए concept + examples + revision + practice format में बनाया गया है। अलग-अलग हिंदी व्याकरण पुस्तकों में कुछ परिभाषाओं, वर्गीकरण या उदाहरणों को प्रस्तुत करने की शैली में अंतर मिल सकता है। परीक्षा की निर्धारित पुस्तक, syllabus और आधिकारिक परीक्षा निर्देशों को प्राथमिकता दें।
वाच्य को अच्छी तरह समझने के लिए इसके साथ क्रिया, कारक, वाक्य शुद्धि और काल का revision भी करें। इससे प्रश्नों में केवल definition नहीं बल्कि sentence-based application को हल करना आसान होगा।
वाच्य — के लिए सीधे उत्तर
क्रिया के जिस रूप से वाक्य में कर्ता, कर्म या भाव की प्रधानता का पता चलता है, उसे वाच्य कहते हैं।
हिंदी व्याकरण में वाच्य के तीन मुख्य भेद माने जाते हैं — कर्तृवाच्य, कर्मवाच्य और भाववाच्य।
जिस वाक्य में कर्ता प्रधान हो और कर्ता द्वारा क्रिया की जाती हो, वह कर्तृवाच्य होता है। उदाहरण — “राम पुस्तक पढ़ता है।”
जिस वाक्य में कर्म को प्रधानता दी जाए और क्रिया का संबंध कर्म से हो, वह कर्मवाच्य होता है। उदाहरण — “पुस्तक राम द्वारा पढ़ी जाती है।”
जिस वाक्य में क्रिया के भाव या कार्य के होने-न होने की प्रधानता हो, वह भाववाच्य कहलाता है। उदाहरण — “मुझसे चला नहीं जाता।”
कर्ता प्रधान = कर्तृवाच्य | कर्म प्रधान = कर्मवाच्य | भाव प्रधान = भाववाच्य
वाच्य के महत्वपूर्ण FAQs
1. वाच्य किसे कहते हैं?
क्रिया के जिस रूप से यह पता चलता है कि वाक्य में कर्ता, कर्म या भाव में से किसकी प्रधानता है, उसे वाच्य कहते हैं।
2. वाच्य के कितने भेद हैं?
हिंदी व्याकरण में वाच्य के तीन मुख्य भेद माने जाते हैं — कर्तृवाच्य, कर्मवाच्य और भाववाच्य।
3. कर्तृवाच्य क्या है?
जिस वाक्य में कर्ता की प्रधानता हो और कर्ता क्रिया करता हो, उसे कर्तृवाच्य कहते हैं। उदाहरण — “राम पुस्तक पढ़ता है।”
4. कर्मवाच्य क्या है?
जिस वाक्य में कर्म की प्रधानता हो और क्रिया का प्रभाव कर्म पर केंद्रित हो, उसे कर्मवाच्य कहते हैं। उदाहरण — “पुस्तक राम द्वारा पढ़ी जाती है।”
5. भाववाच्य क्या है?
जिस वाक्य में कर्ता या कर्म की अपेक्षा क्रिया के भाव की प्रधानता हो, उसे भाववाच्य कहते हैं। उदाहरण — “मुझसे चला नहीं जाता।”
6. “राम पुस्तक पढ़ता है” कौन-सा वाच्य है?
यह कर्तृवाच्य है क्योंकि “राम” कर्ता प्रधान है और वही पढ़ने की क्रिया कर रहा है।
7. “पुस्तक राम द्वारा पढ़ी जाती है” कौन-सा वाच्य है?
यह कर्मवाच्य है क्योंकि “पुस्तक” कर्म को प्रमुखता दी गई है।
8. “मुझसे चला नहीं जाता” कौन-सा वाच्य है?
यह भाववाच्य का उदाहरण है। यहाँ चलने के कार्य/भाव और उसे न कर पाने की स्थिति पर जोर है।
9. कर्मवाच्य में “द्वारा” क्यों आता है?
कर्मवाच्य में कार्य करने वाले कर्ता को स्पष्ट करने के लिए “द्वारा” का प्रयोग किया जा सकता है, जैसे — “पत्र राम द्वारा लिखा जाता है।” लेकिन केवल “द्वारा” शब्द देखकर निर्णय नहीं करना चाहिए।
10. भाववाच्य में “से” का प्रयोग क्यों होता है?
भाववाच्य के कई वाक्यों में व्यक्ति को “से” के साथ व्यक्त किया जाता है, जैसे — “मुझसे चला नहीं जाता।” लेकिन हर “से” वाले वाक्य को भाववाच्य नहीं मानना चाहिए; पूरे वाक्य की संरचना देखनी चाहिए।
11. क्या हर वाक्य को कर्मवाच्य में बदला जा सकता है?
नहीं। कर्मवाच्य के लिए उपयुक्त कर्म और आवश्यक वाक्य-संरचना चाहिए। अकर्मक क्रिया वाले सभी वाक्यों को सामान्य रूप से कर्मवाच्य में नहीं बदला जा सकता।
12. वाच्य और काल में क्या अंतर है?
काल से क्रिया के समय का बोध होता है, जबकि वाच्य से वाक्य में कर्ता, कर्म या भाव की प्रधानता का पता चलता है।
13. वाच्य पहचानने की सबसे आसान ट्रिक क्या है?
वाक्य में प्रधानता देखें — कर्ता प्रधान है तो कर्तृवाच्य, कर्म प्रधान है तो कर्मवाच्य और भाव/क्रिया प्रधान है तो भाववाच्य।
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Central Hindi Directorate — Basic Grammar of Modern Hindi →National Institute of Open Schooling के official digital platform पर Hindi से संबंधित अध्ययन सामग्री उपलब्ध है।
NIOS Official Digital Resources →इन external resources को अतिरिक्त reference के रूप में उपयोग करें। प्रतियोगी परीक्षा के specific syllabus और notification के लिए संबंधित सरकारी संस्था की नवीनतम official notification देखें।
वाच्य — परीक्षा से पहले 20 सेकंड में Revision
राम पत्र लिखता है।
पत्र राम द्वारा लिखा जाता है।
मुझसे चला नहीं जाता।
वाच्य पूछे → समय मत खोजिए।
पहले देखिए — कर्ता, कर्म या भाव में से कौन प्रधान है?


